प्रियतम से | Priytam Se - सुभद्रा कुमारी चौहान |
Advertisement

प्रियतम से
(सुभद्रा कुमारी चौहान )
---------------
बहुत दिनों तक हुई परीक्षा
अब रूखा व्यवहार न हो।
अजी, बोल तो लिया करो तुम
चाहे मुझ पर प्यार न हो॥
जरा जरा सी बातों पर
मत रूठो मेरे अभिमानी।
लो प्रसन्न हो जाओ
गलती मैंने अपनी सब मानी॥
मैं भूलों की भरी पिटारी
और दया के तुम आगार।
सदा दिखाई दो तुम हँसते
चाहे मुझ से करो न प्यार॥
---------------
Hindi Kavita
Subhadra Kumari Chauhan Ki Kavita
- asked 4 years ago
- B Butts
